हस्त बरस चित्रा मंड़राय। घर बैठे किसान सुख पाय॥
हस्ती नक्षत्र में बरसने से और चित्रा में बादलों के रहने से किसान घर बैठे सुख पाता है। क्यों कि चित्रा की धूप बहुत कड़ी और विषाक्त होती है।
खानिके काटै घनै मोरावै। तब बरदा के दाम सुलावै॥ऊख को जड़ से खोदकर काटने और खूब निचोड़ कर पेरने से लाभ होता है और बैलों के दाम वसूल होते है।
उत्रा उत्तर दै गई, हस्त गयो मुख मोरि।
भली बेचारी चित्तरा, परजा लेइ बहोरि॥
यदि उत्तरा और हस्ति नक्षत्र में पानी न बरसे और चित्रा में वर्षा हो तो प्रजा सुखी होती है मतलब उपज अच्छी होती है।