Monday, June 14, 2010

घाघ-भड्डरी कल से आगे

सोम सुक्र सुरगुरु दिवस,पौष अमावस होए।
घर घर बजे बधावनो,दुखी दीखै कोय॥

यदि पूस महीने की अमावस्या को सोमवार, शुक्रवार, ब्रहस्पतिवार पड़े तो घर घर बधाई बजेगी और कोई दुखी नहीं रहेगा।

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